स्कूल टाइम में शहर-कस्बों में भारी व खनन वाहनों की एंट्री रहेगी पूरी तरह प्रतिबंधित
रूद्रपुर
जनपद में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और यातायात व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने ओवरलोडिंग व तेज रफ्तार भारी वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित भारी वाहनों एवं खनन वाहनों के लिए दो दिन के भीतर वैकल्पिक रूट निर्धारित कर संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सुबह स्कूल जाने के समय तथा छुट्टी के समय शहरों और कस्बों में किसी भी प्रकार के भारी वाहन अथवा खनन वाहन का संचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रतिबंध का पालन कड़ाई से कराया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने कहा कि भारी वाहनों के लिए निर्धारित रूट के अलावा अन्य मार्गों से चलने वाले वाहनों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो वाहन निर्धारित समय और रूट के इतर संचालित पाए जाएंगे, उन्हें सीज किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्टोन क्रशरों से निकलने वाले ओवरलोड खनन वाहनों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्टोन क्रशर से ओवरलोड वाहन बाहर निकलते हैं तो क्रशर संचालक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने सभी क्रशर संचालकों को निर्देश दिए कि वे केवल निर्धारित भार सीमा के अनुसार ही वाहनों की निकासी करें। खनन क्षेत्रों से ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाने तथा लगातार जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा डीएम ने यह भी कहा कि खनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों को तिरपाल से ढककर लाया जाए, ताकि सड़कों पर रेता, बजरी व अन्य सामग्री गिरने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका न बढ़े और यातायात प्रभावित न हो। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त जांच और कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क पर मादक पदार्थ सेवन कर वाहन चलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने भी आज से ही ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि भारी वाहनों के लिए रूट निर्धारित कर शहर, कस्बों तथा हाईवे से जुड़ने वाली प्रमुख सड़कों को चिन्हित करते हुए वैरियर लगाए जाएंगे, ताकि भारी वाहन तय नियमों के अनुसार ही गुजरें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित जोन भी चिन्हित किए जाएं, जिससे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके।
एसएसपी ने कहा कि कई बार सड़कों पर निराश्रित पशुओं के कारण भी गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इसे देखते हुए उन्होंने निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे पशुओं को पकड़कर सेल्टर होम भेजा जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, उप जिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि अनिल पांगती, अधिशासी अभियंता गजेन्द्र सिंह, एआरटीओ मोहित कोठारी, जिला खनन अधिकारी मनीष कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं जिले के सभी उप जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, लोनिवि अधिकारी तथा थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।











