जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने प्रचार-प्रसार वाहन को दिखाई हरी झंडी, गांव-गांव पहुंचेंगी टीमें
रूद्रपुर
जनपद में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर 45 दिवसीय टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी गई है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कलेक्ट्रेट परिसर से पशु रोग निदान एवं टीकाकरण प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान जनपद के सभी विकास खंडों में संचालित किया जाएगा, जिसमें पशु चिकित्सकों की टीमें घर-घर जाकर मवेशियों का टीकाकरण करेंगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारी पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत 22 राजकीय पशु चिकित्सालयों के अंतर्गत 122 एफएमडी वैक्सीनेशन टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा कुल 2,20,000 मवेशियों (गाय, भैंस, भेड़ और बकरियां) का टीकाकरण किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि अभियान की मॉनिटरिंग के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चिन्हित गांवों में टीकाकरण से पहले और टीकाकरण के 28 से 30 दिन बाद पशुओं के रक्त के नमूनों की जांच पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला के माध्यम से की जाएगी, जिससे टीकाकरण की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।
डॉ. जोशी ने यह भी बताया कि भारत सरकार के पशुपालन मंत्रालय द्वारा पिछले चार वर्षों से हर छह माह में यह अभियान चलाया जा रहा है। अब तक सात चरणों में बड़े पैमाने पर टीकाकरण होने के चलते खुरपका-मुंहपका रोग के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। इस अभियान के परिणामस्वरूप मवेशियों में बुखार, मुंह और खुरों में छाले, गर्भपात, दूध उत्पादन में गिरावट तथा मृत्यु दर में भी काफी कमी दर्ज की गई है।
इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।










