पूर्णिमा रजवार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को दी गई भिटौली व फूलदेई की शुभकामनाएं, पारंपरिक पर्व को सहेजने का दिया संदेश
हल्द्वानी
उत्तराखंड के पारंपरिक लोक पर्व भिटौली के अवसर पर ‘एक समाज श्रेष्ठ समाज’ संस्था द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था की मार्गदर्शिका पूर्णिमा रजवार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में वैवाहिक महिलाओं को अंगवस्त्र और मेहंदी भेंट कर उन्हें भिटौली और फूलदेई पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजना और समाज में इनके प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को पारंपरिक भिटौली पर्व के महत्व के बारे में जानकारी भी दी गई। संस्था की मार्गदर्शिका पूर्णिमा रजवार ने कहा कि भिटौली पर्व चैत्र माह में मनाया जाने वाला उत्तराखंड का एक प्रमुख सांस्कृतिक और पारिवारिक त्योहार है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और मायके से बेटी के अटूट संबंध का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर मायके से विवाहित बेटियों को उपहार भेजकर उनका हालचाल पूछा जाता है और उनके प्रति स्नेह व अपनापन व्यक्त किया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में जब विवाहित बेटियां पूरे वर्ष अपने मायके नहीं जा पाती थीं, तब यह परंपरा शुरू हुई थी। मायके वाले भिटौली के रूप में उपहार, वस्त्र और मिठाई भेजकर अपनी बेटियों का हालचाल लेते थे और उन्हें यह एहसास दिलाते थे कि मायका हमेशा उनके साथ है। इस परंपरा ने समय के साथ उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया है।

पूर्णिमा रजवार ने कहा कि वर्तमान समय में भी इस पर्व का महत्व कम नहीं हुआ है। यह पर्व ससुराल और मायके के बीच रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों को उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति आस्था रखनी चाहिए और चैत्र माह में आयोजित होने वाले महिला समूहों के कार्यक्रमों में भिटौली पर्व को शामिल कर इसे हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि हम सभी मिलकर अपने पारंपरिक त्योहारों को मनाएंगे और आने वाली पीढ़ियों को इनके महत्व से परिचित कराएंगे, तो हमारी संस्कृति और परंपराएं जीवित रहेंगी। इस तरह के आयोजनों से लोगों में भिटौली पर्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और यह पर्व लुप्त होने से बच सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया और एक-दूसरे को भिटौली व फूलदेई पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लता पंत, मीना मिश्रा, नीता रौतेला, ममता रावत, गीता जोशी, दीपा रावत, पुष्पा सुयाल और आशा रावत सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर पारंपरिक लोक पर्व को सहेजने और समाज में इसकी महत्ता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।











