14 से 23 मार्च तक चलने वाले शिविर में छात्र-छात्राएं सीखेंगे रॉक क्लाइम्बिंग, रिवर क्रॉसिंग, रेस्क्यू और प्राथमिक चिकित्सा के गुंड़
गदरपुर
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद देहरादून एवं जिला प्रशासन उधम सिंह नगर के संयुक्त तत्वावधान में जनपद में 10 दिवसीय एडवेंचर फाउंडेशन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 14 मार्च से 23 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में साहसिक पर्यटन के प्रति रुचि बढ़ाना तथा उन्हें विभिन्न साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण देना है।
इस शिविर में उधम सिंह नगर जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से कुल 30 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें 15 छात्र एवं 15 छात्राएं शामिल हैं। इन प्रतिभागियों का चयन प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया है। सभी प्रतिभागियों को जनपद में आयोजित इस शिविर के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा साहसिक खेलों और आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

शिविर के उद्घाटन अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि साहसिक खेलों और एडवेंचर गतिविधियों के माध्यम से न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, बल्कि इससे पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य प्राकृतिक सौंदर्य और पर्वतीय क्षेत्रों से समृद्ध है, जहां साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं को इन संभावनाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों से अपील करते हुए कहा कि सभी छात्र-छात्राएं शिविर के दौरान पूरी लगन और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि वे भविष्य में साहसिक गतिविधियों और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में अपना योगदान दे सकें। इस प्रकार के प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं और राज्य के पर्यटन विकास को भी नई दिशा मिल सकती है।
शिविर के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने बताया कि 10 दिवसीय इस शिविर में प्रतिभागियों को साहसिक खेलों से जुड़ी विभिन्न तकनीकों और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रॉक क्लाइम्बिंग (चट्टानों पर चढ़ाई), रैपलिंग (ऊंचाई से उतरना), बर्मा ब्रिज, रिवर क्रॉसिंग तथा अन्य साहसिक गतिविधियों का अभ्यास कराया जाएगा।

इसके अलावा शिविर में प्रतिभागियों को प्राथमिक चिकित्सा, आपदा प्रबंधन, सर्च एवं रेस्क्यू तकनीक, उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और टीमवर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव कार्य करने के तरीके, पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित यात्रा के नियम और साहसिक खेलों के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की लिखित, प्रायोगिक और मौखिक परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को न केवल साहसिक खेलों की तकनीकी जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पर्वतीय जीवन शैली से भी परिचित कराया जाएगा। इससे युवाओं में प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ेगा और वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक होंगे।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों का भ्रमण भी कराया जाएगा, जिससे उन्हें प्राकृतिक परिस्थितियों में प्रशिक्षण का व्यावहारिक अनुभव मिल सके। इससे युवाओं में आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता का भी विकास होगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संचालन में राकेश जोशी, दीप चंद्र मेलकानी, दीप्ति, आशीष जोशी, मनीष बृजवाल, कमल जोशी, दीपक कुशवाहा, सुरेंद्र सिंह राणा, रोहित आदि कई गणमान्य व्यक्तियों और प्रशिक्षकों की भी उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे युवाओं को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलते रहेंगे।











