April 14, 2026 7:05 am

पत्रकारों की एकजुटता का दिखा दम, वरिष्ठ पत्रकार रुपेश सिंह के खिलाफ बयानबाजी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

रुद्रपुर में हुई बड़ी बैठक के बाद पत्रकारों ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा से की मुलाकात, दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन

रुद्रपुर

      पत्रकारिता की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा को लेकर गुरुवार को रुद्रपुर में आयोजित एक बड़ी बैठक में पत्रकारों ने अभूतपूर्व एकजुटता का परिचय दिया। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार रुपेश कुमार सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से की जा रही अभद्र टिप्पणी, बयानबाजी और अपमानजनक शब्दों के प्रयोग की कड़े शब्दों में निंदा की गई। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पत्रकार को बदनाम करने या उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी व संगठनात्मक स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

         बैठक में पत्रकारों ने कहा कि आज पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ है और लोकतंत्र में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार जनहित के मुद्दों को सामने लाने के लिए लगातार संघर्ष करता है, लेकिन कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ और दुर्भावना के चलते पत्रकारों को धमकाने, अपशब्द कहने और झूठे आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पत्रकारिता के मूल्यों पर हमला हैं, बल्कि समाज में भय और भ्रम फैलाने की कोशिश भी हैं।

रुपेश सिंह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर कड़ा विरोध

        बैठक में विशेष रूप से वरिष्ठ पत्रकार रुपेश कुमार सिंह के खिलाफ की गई कथित बयानबाजी का मुद्दा उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि रुपेश सिंह द्वारा जनहित में चलाई गई खबर को लेकर कुछ लोगों ने निजी रंजिश के तहत गलत टिप्पणियां कीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पत्रकारों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी को अपमानित करने का प्रयास है।

      बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा पत्रकार संगठन सामूहिक रूप से इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगा। पत्रकारों ने यह भी कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति पत्रकारों को गाली-गलौज करेगा या धमकी देगा, तो उसका जवाब कानून के दायरे में रहकर मजबूती से दिया जाएगा।

हिमांशु ठाकुर के मुकदमे को बताया एकतरफा

      बैठक में काशीपुर के पत्रकार हिमांशु ठाकुर पर दर्ज मुकदमे को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं का कहना था कि जिस ऑडियो को मुकदमे का आधार बनाया गया है, उसमें कहीं भी हिमांशु ठाकुर द्वारा किसी प्रकार की अवैध मांग या दबाव बनाने की बात स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि बिना निष्पक्ष जांच किए मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जिससे यह मामला संदेह के घेरे में आ गया है। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन को पहले मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए थी, उसके बाद ही कोई कार्रवाई करनी चाहिए थी। पत्रकारों ने इस मुकदमे को पत्रकार पर दबाव बनाने और उसे डराने की कोशिश बताया।

गुटबाजी छोड़ एकजुट होने का लिया संकल्प

      बैठक में पत्रकारों ने आत्ममंथन करते हुए यह भी स्वीकार किया कि पत्रकारों की आपसी गुटबाजी और बिखराव के कारण कई बार बाहरी लोग इसका फायदा उठा लेते हैं। वक्ताओं ने कहा कि यदि पत्रकार समुदाय एकजुट रहेगा तो कोई भी व्यक्ति पत्रकारों को कमजोर नहीं समझ पाएगा।
पत्रकारों ने साफ कहा कि आज जरूरत है कि पत्रकार अपने मतभेद भुलाकर एक मंच पर आएं और पत्रकारिता के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना पर सभी पत्रकार एकजुट होकर आवाज उठाएंगे और किसी भी पत्रकार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

बड़ी संख्या में पत्रकार हुए शामिल

       इस बैठक में रुद्रपुर के साथ-साथ बाजपुर, गदरपुर, दिनेशपुर, किच्छा समेत कई क्षेत्रों से सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए। बैठक में मौजूद पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार समाज को बदनाम करने की साजिशें लगातार बढ़ रही हैं, जिनका जवाब एकजुटता के साथ देना जरूरी है, पत्रकारों ने  कहा कि जनहित में काम करने वाले पत्रकारों को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश करना लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। बैठक में यह भी कहा गया कि पत्रकार प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत कड़ी है, ऐसे में पत्रकारों के खिलाफ साजिश करना समाज के विकास में बाधा डालने जैसा है।

एसएसपी से मिले पत्रकार, मिला भरोसा

         बैठक के बाद सभी पत्रकारों ने एसएसपी आवास पहुंचकर एसएसपी मणिकांत मिश्रा से मुलाकात की और दोनों मामलों से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की। पत्रकारों ने रुपेश सिंह के खिलाफ की गई बयानबाजी और हिमांशु ठाकुर के मुकदमे को लेकर अपनी बात मजबूती से रखी।

         एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने पत्रकारों की बात को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन पत्रकारों के साथ है और दोनों ही मामलों में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और यदि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होता है तो उसे रोका जाएगा।

         पत्रकारों ने एसएसपी से मांग की कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और हिमांशु ठाकुर के मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लिया जाए।


पत्रकारों का संदेश—अब नहीं सहेंगे अपमान

       बैठक में पत्रकारों ने साफ शब्दों में कहा कि पत्रकारिता के सम्मान और स्वाभिमान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति पत्रकारों को धमकाने, गाली देने या बदनाम करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।

        पत्रकारों ने यह भी कहा कि पत्रकार समाज हमेशा जनहित में कार्य करता है, इसलिए पत्रकारों के खिलाफ साजिश रचने वालों को सबक सिखाना जरूरी है। बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि पत्रकार संगठन आने वाले समय में और अधिक मजबूत होकर कार्य करेगा, ताकि किसी भी पत्रकार को दबाव में न झुकना पड़े।

        बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया कि अब पत्रकार समुदाय संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करेगा और किसी भी पत्रकार के सम्मान पर आंच नहीं आने देगा।

         बैठक के दौरान आकाश आहूजा, रुपेश कुमार सिंह, कंचन वर्मा, भरत शाह, पूरन रावत, अजय जोशी, नरेन्द्र राठौर, सौरभ गंगवार, राजीव चावला, गदरपुर से जयकिशन अरोरा, जसपाल डोगरा, सागर गाबा, गौरव बत्रा, प्रकाश अधिकारी, अर्जुन कुमार, राजकुमार शर्मा, अनुज सक्सेना, सुरेन्द्र गिरधर, अमन सिंह, रवि कुमार, नागेंद्र सिंह, शाहनूर अली, अमन सिंह, नवल किशोर, मनीष बाबा, महेंद्र मौर्या, कश्मीर सिंह रावत, दीपक शर्मा, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार जन मौजूद रहे

SAGAR GABA
Author: SAGAR GABA

और पढ़ें

विज्ञापन

best news portal development company in india

और पढ़ें