April 14, 2026 7:06 am

सरस आजीविका मेला: सांस्कृतिक संध्या में झूम उठा रुद्रपुर, जस्सी गिल और बब्बल राय ने बांधा समां

यू.एस. नगर कार्निवाल के तृतीय दिवस पर हास्य, संगीत और कला का शानदार संगम, देर रात तक गूंजे सुर

रुद्रपुर

        सरस आजीविका मेला (यू.एस. नगर कार्निवाल) के तृतीय दिवस पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या मेले में पहुंचे जनसमूह के लिए यादगार बन गई। रंग-बिरंगी रोशनी, उत्साह से भरा माहौल, तालियों की गूंज और संगीत की मधुर धुनों ने पूरे आयोजन स्थल को एक उत्सव में बदल दिया। यह सांस्कृतिक संध्या न केवल मनोरंजन का केंद्र रही, बल्कि इसमें लोकसंस्कृति, कला, संगीत और हास्य का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने हर आयु वर्ग के दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया।

        इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचे और देर रात तक आयोजन का आनंद लेते नजर आए। मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक अपनी सीटों पर टिक नहीं सके और पूरे वातावरण में उल्लास और ऊर्जा भर गई। आयोजन के दौरान मेले की लोकप्रियता और भी बढ़ गई तथा यह साबित हुआ कि सरस आजीविका मेला केवल खरीदारी का मंच नहीं, बल्कि जनसरोकारों से जुड़ा एक सांस्कृतिक उत्सव भी बन चुका है।

बॉलीवुड और पंजाबी स्टार्स ने किया मंच पर धमाल

        जस्सी गिल और बब्बल राय के गीतों पर देर रात तक झूमते रहे दर्शक
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध बॉलीवुड एवं पंजाबी गायक जस्सी गिल और बब्बल राय, जिन्होंने अपने ऊर्जावान मंच प्रदर्शन से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही दोनों कलाकार मंच पर पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और उत्साहपूर्ण नारों से उनका स्वागत किया

       जस्सी गिल ने अपने सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति देकर युवाओं में जोश भर दिया। उनके गीतों की धुन पर दर्शक झूमते और थिरकते नजर आए। वहीं बब्बल राय ने भी अपनी शानदार आवाज और मंचीय अंदाज से माहौल को पूरी तरह संगीत से सराबोर कर दिया।

       दोनों गायकों की प्रस्तुति के दौरान आयोजन स्थल पर ऐसा माहौल बन गया मानो पूरा रुद्रपुर संगीत के रंग में डूब गया हो। गीतों की हर धुन पर लोग नाचते, तालियां बजाते और मोबाइल कैमरों में इस यादगार पल को कैद करते नजर आए। देर रात तक चलता रहा यह संगीत कार्यक्रम दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

हास्य कवियों ने ठहाकों से भर दिया पूरा पंडाल

      सुदीप भोला, रशिक गुप्ता और प्रताप फौजदार की व्यंग्यात्मक रचनाओं ने खूब गुदगुदाया संगीत के साथ-साथ कार्यक्रम में हास्य का तड़का भी दर्शकों को भरपूर मिला। सांस्कृतिक संध्या में हास्य कवि सुदीप भोला, रशिक गुप्ता एवं प्रताप फौजदार ने अपनी दमदार और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।

       कवियों ने सामाजिक विषयों पर आधारित व्यंग्य, हास्य कविताएं और चुटीले संवाद प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक बार-बार तालियां बजाते रहे। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया और कार्यक्रम में हास्य का ऐसा रंग घोल दिया कि लोग हंसते-हंसते झूम उठे। हास्य कवियों ने अपने अंदाज से यह भी संदेश दिया कि मनोरंजन के साथ-साथ समाज को जागरूक करने की भूमिका साहित्य और कविता के माध्यम से भी निभाई जा सकती है।

डांस ग्रुप की रंगारंग प्रस्तुति ने बढ़ाई सांस्कृतिक छटा

       पंखुड़ी और लक्षिता डांस ग्रुप ने नृत्य के माध्यम से दर्शकों का जीता दिल कार्यक्रम के दौरान पंखुड़ी और लक्षिता डांस ग्रुप द्वारा दी गई रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। मंच पर पारंपरिक और आधुनिक नृत्य का ऐसा शानदार मिश्रण देखने को मिला, जिसने दर्शकों को तालियों की गूंज से मंच भरने पर मजबूर कर दिया।

      नृत्य कलाकारों की सधी हुई चाल, आकर्षक वेशभूषा और संगीत के साथ तालमेल ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कई दर्शक तो अपनी जगह से खड़े होकर तालियां बजाते नजर आए।

सैंड आर्टिस्ट रजत कुमार ने कला से रचा जादू

      रेत से उकेरी जीवंत कलाकृतियां, दर्शकों ने देखा कला का अनोखा संसार सांस्कृतिक संध्या में एक बेहद आकर्षक प्रस्तुति रही सैंड आर्टिस्ट रजत कुमार की। उन्होंने रेत के माध्यम से जिस प्रकार जीवंत चित्रों और कलाकृतियों का निर्माण किया, वह दर्शकों के लिए आश्चर्य और रोमांच का विषय बन गया।

      रेत की महीन परतों पर उकेरी गई कलाकृतियों ने जैसे ही आकार लिया, दर्शकों की निगाहें मंच पर टिक गईं। कुछ ही क्षणों में चित्र बदलते गए और हर बार नई आकृति सामने आती रही। यह कला प्रदर्शन न केवल मनोरंजन का साधन रहा, बल्कि यह दर्शकों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव भी बना। रजत कुमार की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक संध्या में चार चांद लगा दिए और यह साबित कर दिया कि कला के माध्यम से भी समाज में सकारात्मक संदेश और सौंदर्य का संचार किया जा सकता है।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

        सांसद, विधायक, मेयर सहित प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब इसमें जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

        इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, उपजिलाधिकारी गौरव पांडे, ऋचा सिंह, एमएनए शिप्रा जोशी सहित अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

      शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते नजर आए, जिनमें मुख्य शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा, जिला प्रोवेजन अधिकारी व्योमा जैन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदनी तोमर सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। भारी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह मेला जनता के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

सरस आजीविका मेला बना स्वरोजगार और संस्कृति का बड़ा मंच

ग्रामीण उत्पादों को मिल रहा बढ़ावा, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को नई पहचान

      सरस आजीविका मेला केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण आजीविका, स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूहों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। यहां ग्रामीण उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्तुओं और स्थानीय खाद्य सामग्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह आयोजन अहम भूमिका निभा रहा है। मेला यह संदेश भी देता है कि ग्रामीण प्रतिभाओं और हुनर को सही मंच मिले तो वे आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकते हैं।

मेले की सफलता ने छुआ नया मुकाम

       तृतीय दिवस की सांस्कृतिक संध्या रही ऐतिहासिक और यादगार
कुल मिलाकर सरस आजीविका मेला (यू.एस. नगर कार्निवाल) के तृतीय दिवस की यह सांस्कृतिक संध्या मनोरंजन, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का शानदार उदाहरण बनी। कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब कला, संगीत और संस्कृति एक मंच पर मिलते हैं तो समाज के सभी वर्ग एक साथ जुड़ जाते हैं।

        देर रात तक चले इस आयोजन ने दर्शकों को आनंद और उल्लास से भर दिया। जस्सी गिल और बब्बल राय की शानदार गायकी, हास्य कवियों की चुटीली प्रस्तुतियां, डांस ग्रुप का जोश और सैंड आर्टिस्ट की अद्भुत कला इन सभी ने मिलकर इस संध्या को यादगार बना दिया। यह सांस्कृतिक संध्या मेले की सफलता को नई ऊंचाई देते हुए जनसमूह के लिए एक ऐसा अनुभव बन गई, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

SAGAR GABA
Author: SAGAR GABA

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