रुद्रपुर
आज 21 फरवरी 2026। विकास भवन सभागार में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), ग्रामोत्थान (रीप), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी नरेगा तथा सांसद निधि से संचालित कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मनरेगा योजनांतर्गत समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं उपकार्यक्रम अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। समीक्षा के दौरान मानव दिवस सृजन, कार्य पूर्णता दर, आधार आधारित भुगतान प्रक्रिया तथा अमृत सरोवरों पर आजीविका गतिविधियों की प्रगति पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मानव दिवस सृजन में बढ़ोतरी की जाए तथा अमृत सरोवरों के आसपास आजीविका से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित किया जाए, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो सके। यह भी स्पष्ट किया गया कि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो और आधार आधारित भुगतान प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए।

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत निर्धारित समय सीमा में सभी स्वीकृत आवास पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए सर्वे के दौरान यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो तथा पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ मिले। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों की प्रगति, उनकी आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों तथा लक्ष्य पूर्ति की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को निरंतर जागरूक करते हुए उनकी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जसपुर, काशीपुर और खटीमा में सीएलएफ आईटीआर की एक-एक लंबित प्रविष्टि को 23 फरवरी तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त बाजपुर मंडी एवं पेस्टिसाइड लाइसेंस तथा सितारगंज में पेस्टिसाइड लाइसेंस से संबंधित प्रक्रियाओं को 25 फरवरी तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। डिजिटल आजीविका रजिस्टर में शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि योजनाओं का डेटा व्यवस्थित और पारदर्शी रूप से उपलब्ध हो सके। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की विकासखंडवार समीक्षा करते हुए सामुदायिक उद्यमों की स्थापना और संचालन की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि फार्म आधारित सामुदायिक उद्यमों को लक्ष्यों के अनुरूप शीघ्र आरंभ कराया जाए। डेयरी से संबंधित उद्यमों के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग से समन्वय स्थापित कर उद्यम स्थापना सुनिश्चित की जाए।
नॉन-फार्म सामुदायिक उद्यमों की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थान चयन कर आवश्यक साइड एमेनीटी विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही व्यक्तिगत एवं सामुदायिक उद्यमों का अधिकतम उपयोग समुदाय के माध्यम से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सांसद निधि योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे कार्यों का व्यक्तिगत निरीक्षण कर समय से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ कार्य संपादन पर विशेष बल दिया गया।
बैठक के अंत में स्पष्ट किया गया कि ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे। सभी अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, परियोजना अर्थशास्त्री शैलेंद्र श्रीवास्तव, जिला थीमेटिक एक्सपर्ट सौरभ सक्सेना, प्रोग्रामर विपिन राणा सहित विभिन्न विकासखंडों के खंड विकास अधिकारी—केके कांडपाल, कमल किशोर पांडे, शेखर जोशी, अतिया परवेज, असित आनंद, सीआर आर्य—तथा ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित योजनाओं के डीपीओ मनरेगा, ब्लॉक मिशन मैनेजर एनआरएलएम एवं रीप परियोजना के कार्मिक उपस्थित रहे।











