November 2, 2026 6:38 pm

फर्जी दस्तावेजों से प्रमाण-पत्र बनवाने के मामले में दो गिरफ्तार

 

आधार कार्ड, राशन कार्ड, खतौनी, परिवार रजिस्टर व विद्युत बिल समेत दस्तावेजों के कूटरचित प्रयोग का आरोप, लैपटॉप-हार्ड डिस्क और दो मोबाइल बरामद

गदरपुर

कोतवाली गदरपुर पुलिस ने फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास, जाति एवं अनाथ प्रमाण-पत्र बनवाकर लाभ लेने के मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जबकि उनकी निशानदेही पर एक लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क और एक एसएसडी भी साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को राजस्व निरीक्षक गदरपुर विनोद कुमार की तहरीर पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी स्थायी निवास, जाति एवं अनाथ प्रमाण-पत्र बनवाकर लाभ लेने के संबंध में कोतवाली गदरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 283/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 318(4), 336(3), 338, 339, 340(2) एवं 61(2) बीएनएस के तहत शुभम हुड़िया पुत्र राजकुमार हुड़िया निवासी पुरानी मंडी वार्ड नंबर-10 गदरपुर, निखिल वर्मा पुत्र मोतीराम निवासी वार्ड नंबर-11 पशु चिकित्सालय गदरपुर, प्रमोद सैनी निवासी चकरपुर बराखेड़ा, शेखर अरोड़ा निवासी गढ़ीनेगी काशीपुर, लवी निवासी काशीपुर सहित अन्य लोगों को नामजद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान पांच छात्रों से संबंधित प्रमाण-पत्रों में फर्जी अथवा कूटरचित आधार कार्ड, राशन कार्ड, खतौनी, परिवार रजिस्टर एवं विद्युत बिल आदि दस्तावेजों के प्रयोग की बात सामने आई। विवेचना के क्रम में नामजद आरोपी शुभम हुड़िया और निखिल वर्मा को 25 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वीवो X200 FE आसमानी रंग तथा ओप्पो K12X 5G भूरा रंग के दो मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा आरोपियों की निशानदेही पर HP कंपनी का EliteBook x360 1030 G4 मॉडल का लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क तथा एक एसएसडी बरामद कर साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राप्त रिकॉर्डिंग एवं दस्तावेजों को विवेचना में शामिल करते हुए नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

          कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक मदन सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह रिंगवाल, उपनिरीक्षक प्रदीप शर्मा तथा कांस्टेबल 1319 मोहन सिंह बोरा शामिल रहे। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह रिंगवाल द्वारा की जा रही है।

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