विशेष अभियान के दौरान श्रम विभाग की टीम ने पकड़ा मामला, बाल श्रम अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
किच्छा
जिले में चल रहे ‘जीरो चाइल्ड लेबर अभियान’ के तहत शुक्रवार को श्रम विभाग की टीम ने किच्छा क्षेत्र में निरीक्षण अभियान चलाकर बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान किशनपुर स्थित एक टायर सर्विस सेंटर पर दो नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने का मामला सामने आया। टीम ने दोनों बच्चों को मौके से चिन्हित करते हुए प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी एवं उप श्रम आयुक्त ऊधमसिंहनगर के निर्देश पर 1 जून से 30 जून तक जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी तन्मय पंत के नेतृत्व में टीम ने किच्छा क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मैसर्स शकील टायर सर्विस, किशनपुर किच्छा में दो बाल श्रमिक कार्य करते पाए गए। इनमें 13 वर्षीय सोहेल पुत्र अशरफ अली तथा 12 वर्षीय आमिर अली पुत्र अशरफ अली शामिल हैं। दोनों बच्चे टायर रिपेयरिंग का कार्य करते हुए मिले। जांच में पाया गया कि बच्चों से कार्य कराकर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 संशोधित अधिनियम 2016 की धारा-3 का उल्लंघन किया गया है।
श्रम विभाग के अनुसार बाल श्रमिकों को नियोजित करना संज्ञेय अपराध है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ अधिनियम की धारा-14 के तहत दंडनीय अपराध में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई गई है।
अभियान के दौरान जिला टास्क फोर्स टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी तन्मय पंत, आईएसडीओ संस्था से संगीता गुप्ता एवं उवैस खान, चाइल्ड लाइन 1098 से रेखा अधिकारी और श्रद्धि तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से सुरेश गिरी मौजूद रहे।
श्रम विभाग ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर जानकारी दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।







