जन्माष्टमी पर सजेगा गदरपुर का श्री सनातन धर्म मंदिर
100 से अधिक बच्चे लेंगे प्रतिभाग, दो आयु वर्गों में होगी प्रस्तुति; शाम 6:30 बजे मंदिर की आरती में शामिल होंगे प्रतिभागी एवं अभिभावक
गदरपुर
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री सनातन धर्म मंदिर, बुध बाजार, गदरपुर परिसर में बच्चों की प्रतिभा एवं धार्मिक-सांस्कृतिक भावनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “नटखट कान्हा एवं प्यारी राधा” बाल स्वरूप प्रस्तुति का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बच्चों एवं उनके अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम में 100 से अधिक बच्चे उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार बच्चों को उनकी आयु के आधार पर दो वर्गों में विभाजित किया गया है। श्रेणी A में 0 से 5 वर्ष तथा श्रेणी B में 5 से 10 वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया गया है। दोनों आयु वर्गों के बच्चे भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा के बाल स्वरूप में अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
दोपहर 2 बजे तक पहुंचना होगा मंदिर
आयोजकों ने सभी प्रतिभागी बच्चों एवं उनके अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे दोपहर 2:00 बजे तक श्री सनातन धर्म मंदिर, बुध बाजार, गदरपुर परिसर में पहुंच जाएं। समय से पहुंचने पर बच्चों की उपस्थिति, प्रस्तुति का क्रम, मंच व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जा सकेंगी।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3:00 बजे निर्धारित समय पर की जाएगी। इसलिए 3:00 बजे को बच्चों के पहुंचने का समय न समझें। सभी प्रतिभागियों से 2:00 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की अपील की गई है, ताकि कार्यक्रम निर्धारित समय पर शुरू हो सके और सभी बच्चों को व्यवस्थित रूप से मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर मिल सके।
समयबद्ध तरीके से संपन्न होगा कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों को व्यवस्थित एवं निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इसका विशेष कारण यह है कि शाम 6:30 बजे श्री सनातन धर्म मंदिर में आरती का आयोजन होगा। आयोजकों का प्रयास है कि बच्चों की सभी प्रस्तुतियां समय से संपन्न हो जाएं, जिससे प्रतिभागी बच्चे एवं उनके अभिभावक आरती में भी श्रद्धापूर्वक शामिल हो सकें।
बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ना उद्देश्य
श्री सनातन धर्म युवा मंच के अध्यक्ष संजीव झाम ने सभी प्रतिभागी बच्चों एवं उनके अभिभावकों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में मंच पर प्रस्तुत करना नहीं है, बल्कि उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं एवं संस्कारों से जोड़ना भी है।
उन्होंने कहा कि लगभग 100 से अधिक बच्चों का उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करना आयोजकों के लिए अत्यंत प्रसन्नता की बात है। उन्होंने सभी अभिभावकों से विशेष अनुरोध किया कि वे बच्चों को दोपहर 2:00 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर लेकर पहुंचें, ताकि उपस्थिति, क्रम एवं मंच संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की जा सकें।
संजीव झाम ने कहा कि दोपहर 3:00 बजे कार्यक्रम निर्धारित समय पर प्रारंभ किया जाएगा। सभी के सहयोग से आयोजन को अनुशासित एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने का प्रयास रहेगा, ताकि बच्चे एवं उनके परिवार शाम 6:30 बजे होने वाली मंदिर की आरती में भी श्रद्धापूर्वक सम्मिलित हो सकें।
उन्होंने सभी प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों एवं आयोजन में सहयोग कर रहे सहयोगियों से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
आयोजकों ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को निर्धारित समय से पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाएं और आयोजन की व्यवस्था एवं अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करें। जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाला यह आयोजन बच्चों में धार्मिक भावना, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करेगा।







