November 2, 2026 6:38 pm

स्थलीय सत्यापन के बाद ही जारी हों दाखिल-खारिज और सभी प्रमाण-पत्र : जिलाधिकारी

लेखपाल-पटवारियों को सख्त निर्देश, मौके पर जाकर जांच के साथ फोटो लेना अनिवार्य; लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई

रुद्रपुर

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जनपद के सभी लेखपालों और पटवारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना स्थलीय सत्यापन किए किसी भी दाखिल-खारिज प्रकरण अथवा प्रमाण-पत्र के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत न की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदक की वास्तविक स्थिति, निवास, आय, परिवार अथवा अन्य तथ्यों का भौतिक सत्यापन जहां आवश्यक है, वहां संबंधित कर्मचारी द्वारा अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर जांच की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि संज्ञान में आया है कि कुछ मामलों में लेखपाल एवं पटवारियों द्वारा दाखिल-खारिज तथा विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों के लिए अपेक्षित स्थलीय सत्यापन किए बिना ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जा रही है। इनमें जाति प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण-पत्र सहित अन्य प्रमाण-पत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बिना मौके की वास्तविक स्थिति की जांच किए रिपोर्ट लगाने से गलत दाखिल-खारिज होने की संभावना रहती है। इससे भूमि संबंधी विवादों और अनियमितताओं को भी बढ़ावा मिल सकता है।

इसी प्रकार, प्रमाण-पत्रों के मामलों में समुचित स्थलीय सत्यापन नहीं होने से अपात्र व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र जारी होने तथा फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार किए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में इस प्रकार के कुछ मामले उनके संज्ञान में आए हैं, जिसके बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्थलीय सत्यापन की प्रक्रिया को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसकी डिजिटल रूप से सत्यापन योग्य प्रमाणिकता भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी द्वारा मौके से फोटोग्राफ लिए जाएं और उन्हें संबंधित प्रकरण की पत्रावली अथवा ऑनलाइन आवेदन से अनिवार्य रूप से संबद्ध किया जाए। फोटोग्राफ में यथासंभव स्थल की पहचान स्पष्ट हो तथा फोटो लिए जाने की तिथि और समय भी उपलब्ध रहे।

जिलाधिकारी ने भविष्य में ऐसी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं, जिसमें स्थलीय निरीक्षण के समय जीपीएस/जियो-कोऑर्डिनेट्स अथवा अन्य तकनीकी माध्यमों से निरीक्षण स्थल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित कर्मचारी द्वारा वास्तव में मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया गया है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां स्थलीय सत्यापन आवश्यक है, वहां बिना मौके पर जांच किए किसी भी प्रकार की रिपोर्ट प्रस्तुत न की जाए। व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर राजस्व अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण और आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्थलीय सत्यापन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

और पढ़ें

मतदान सर्वेक्षण

1
Default choosing

Did you like our plugin?

और पढ़ें