पंतनगर में बहुउद्देशीय जनकल्याणकारी शिविर आयोजित, साइकिल, व्हीलचेयर, स्टडी टेबल और हियरिंग मशीनें वितरित
पंतनगर
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित बहुउद्देशीय जनकल्याणकारी शिविर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। शिविर में करीब 1500 लोगों ने पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी ली और मौके पर ही उनका लाभ प्राप्त किया। इस दौरान जरूरतमंदों को साइकिल, व्हीलचेयर, स्टडी टेबल, हियरिंग मशीन, लेबर किट, महालक्ष्मी किट और पोषण सामग्री भी वितरित की गई।

शिविर का शुभारंभ उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने किया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल विशिष्ट अतिथि तथा न्यायमूर्ति आलोक मेहरा विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी प्रदीप मनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन भी उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं ने स्टॉल लगाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी। पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। केवीएस प्रीमियर फाउंडेशन की ओर से 15 जरूरतमंदों को साइकिलें वितरित की गईं, जबकि पांच दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर प्रदान की गई। सार्थक फ्यूचर फाउंडेशन ने एसटीएम स्कूल, बाजपुर को एक कंप्यूटर और एक प्रिंटर भेंट किया। न्याय दर्पण सोशल जस्टिस एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को 50 स्टडी टेबल वितरित की गईं। वहीं श्रवण एवं वाणी बाधित आठ बच्चों को हियरिंग मशीन उपलब्ध कराई गई।

श्रमिक और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के तहत 10 श्रमिकों को लेबर किट और 11 महिलाओं को महालक्ष्मी किट दी गई। मातृ एवं शिशु कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत चार गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म निभाई गई, जबकि दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। लाभार्थियों को डेटॉल हाइजीन किट वितरित की गई तथा नेस्ले इंडिया के सहयोग से बच्चों को पोषण किट भी प्रदान की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगाए गए विधिक जागरूकता एवं निःशुल्क विधिक सहायता स्टॉल पर पैरालीगल वालंटियर्स ने लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता, महिला एवं बाल अधिकार, साइबर अपराध और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संबंध में जानकारी दी। बड़ी संख्या में लोगों ने कानूनी परामर्श प्राप्त कर अपनी समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी हासिल की।

शिविर में पंचायती राज विभाग के 20, होम्योपैथिक विभाग के 77, राजस्व विभाग के 20, नारी शक्ति विभाग के 12, विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर के 11, उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन, विद्युत वितरण एवं शिक्षा विभाग के 30, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के 80, मत्स्य विभाग के छह, पशुपालन विभाग के 67, समाज कल्याण विभाग के 65, विद्यालय शिक्षा विभाग के 30, जनजाति कल्याण विभाग के सात तथा गन्ना विकास विभाग के 15 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत 27 लोगों को योजना का लाभ दिया गया, जबकि 115 नए आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए।
उपकारागार हल्द्वानी की ओर से लगाए गए स्टॉल पर बंदियों के पुनर्वास और उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली विधिक सहायता की जानकारी दी गई। अन्य विभागों ने भी बड़ी संख्या में पात्र लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया।
कार्यक्रम के समापन पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे शिविर शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं और इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिलने के साथ ही न्याय और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच भी सुनिश्चित होती है।







