*गदरपुर*
पंजाब की सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक लोहड़ी पर्व इस वर्ष वरिष्ठ पत्रकार सागर गाबा के निवास पर विशेष उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। अवसर था उनके चार माह के सुपुत्र युवराज गाबा की प्रथम लोहड़ी, जिसे परिवारजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने पूरे रीति–रिवाज और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया।

लोहड़ी पर्व के शुभ अवसर पर पारंपरिक बुक्के भराई की रस्म अदा की गई। इस दौरान परिवार की महिलाओं ने लोकगीत गाए और मंगल कामनाओं के साथ युवराज के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की। बुक्के भराई के समय मक्का, मूंगफली, रेवड़ी, गुड़ और पॉपकॉर्न जैसे पारंपरिक प्रसाद को लोहड़ी की अग्नि को समर्पित किया गया, जो समृद्धि, खुशहाली और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
इस खास मौके पर नन्हे युवराज के हाथों से कन्याओं को मक्का, मूंगफली, रेवड़ी एवं गुड़ का प्रसाद वितरण कराया गया। यह दृश्य सभी के लिए भावुक और आनंददायक रहा। परंपरा के अनुसार, कन्याओं को प्रसाद देकर समाज में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता की कामना की गई। उपस्थित लोगों ने युवराज को आशीर्वाद देते हुए उसके स्वस्थ, सुखमय और सफल जीवन की कामना की। लोहड़ी की अग्नि के चारों ओर परिवार और मेहमानों ने एकत्र होकर पारंपरिक गीत गाए और एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं। वातावरण पूरी तरह से उत्सवमय रहा। ढोल की थाप और लोकगीतों ने समारोह की शोभा को और बढ़ा दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस पारिवारिक उत्सव का भरपूर आनंद लिया।

वरिष्ठ पत्रकार सागर गाबा और उनके परिवार ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युवराज की प्रथम लोहड़ी उनके लिए जीवन का अत्यंत भावनात्मक और यादगार क्षण है। उन्होंने बताया कि इस तरह के पर्व न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं, बल्कि परिवार और समाज को आपस में जोड़ने का भी कार्य करते हैं।
वहीं समारोह के अंत में सभी मेहमानों को प्रसाद और जलपान कराया गया, जिसके साथ यह मंगलमय आयोजन सुखद स्मृतियों के रूप में संपन्न हुआ










